गुरुवार, 21 अप्रैल 2016

मुस्कराते रहो

फूलो की तरह
      मुस्कुराते रहिये ...

भंवरों की तरह
      गुनगुनाते रहिये ...

चुप रहने से रिश्ते भी
      उदास हो जाते है ...

कुछ उनकी सुनिये
      कुछ अपनी सुनाते रहिये..

भूल जाइये शिकवे शिकायतों
      के पलों को ...

और ...

छोटी छोटी खुशियों के
      मोती लुटाते रहिये ...

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