मंगलवार, 19 अप्रैल 2016

श्री श्याम

सावरें!!

मेंरी मोहब्बत बेजुबां होती
रही!!!

दिल की धड़कने अपना वजूद
खोती रही!!

आपके सिवा कोई
नही आया दुख मे करीब ,

एक आपकी क्रपा की बारिश थी
जो मेरे साथ रोती रही!!!

प्रेम से काहिये जय श्री श्याम !!

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